Dumb-Heart's Voice

kuch Baaten jo Dil me ankahi reh gyi

Archive for the tag “A thought”


क्यूँ तेरा अक्स हर तरफ नज़र आता है?
मानो मेरा साया बन बैठा हो!
आख़िर मैं अंधेरे मे कब तक बैठूं?
कम से कम आईना तो देख लेने दे!!

For Zindagi


एक उलझी सी पहेली है
ये ज़िंदगी है, जो साथ मेरे चली है|
गम हो या खुशी, फिर भी ये रही है,
धूप और छाओं की ये सहेली है|

बेइंतेहा नफरत भी इसी से हुई है,
बस फिर भी, ये ज़िंदगी ही तो अपनी है !
ऐसी अपनी सहेली से प्यार क्यूँ ना करूँ,
थोड़ी मस्ती और खुशी, इसकी भी तो बनती है | 🙂

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