Dumb-Heart's Voice

kuch Baaten jo Dil me ankahi reh gyi

Archive for the category “Shero-Shayari”


क्यूँ तेरा अक्स हर तरफ नज़र आता है?
मानो मेरा साया बन बैठा हो!
आख़िर मैं अंधेरे मे कब तक बैठूं?
कम से कम आईना तो देख लेने दे!!

Advertisements


लक्ष्य काफ़ी ऊपर है ,
उड़ान तो तेज़ ही होगी |
गर उड़ने की चाह हो तो हाथ पकड़ना,
नहीं तो साथ छोड़ना मजबूरी होगी |

Boondon se bhar le daaman


XYZ

credits: artist@tumbhi.com

नदियाँ सूख गयी हैं
धरती पर आने लगी है दरारें
ममता के दूध के सहारे
बचपन कब तक ज़िंदगी गुज़रे!

ना कहीं छावों है
बस धूप मे सुलगते पावं है|
माँ की आँचल भी सूख गयी है
ये देखकर भी मेघ क्यू इतना निर्दयी है? 😦 😥

……..

पर आज लगता है  😀
लाचारी की चीख ने इंद्र की आँखें खोली है
आज तो बस सबको बूँदों से खेलनी होली है|

नदियाँ फिर से बह जाएँगी
दरारों से अंकुर फुट कर निकलेंगे
आँचल की ठंडक लौट कर आएगी
आज सारी बूँदों को दामन मे अपने  समेट लेंगे!

….mushkil hoga


अश्कों से पहले की आँखों को पहचान लो,
जो बह चले तो रोकना मुश्किल होगा|

चटकने से पहले दिल के हालात जान लो,
जो टूटे तो जोड़ना मुश्किल होगा|

खफा होने का अंदाज़ पहचान लो,
जो जुदा हुए तो मिलना मुश्किल होगा|

खामोश लबों का राज़ जान लो,
जो चुप हुए तो कुछ कहना मुश्किल होगा|

For Zindagi


एक उलझी सी पहेली है
ये ज़िंदगी है, जो साथ मेरे चली है|
गम हो या खुशी, फिर भी ये रही है,
धूप और छाओं की ये सहेली है|

बेइंतेहा नफरत भी इसी से हुई है,
बस फिर भी, ये ज़िंदगी ही तो अपनी है !
ऐसी अपनी सहेली से प्यार क्यूँ ना करूँ,
थोड़ी मस्ती और खुशी, इसकी भी तो बनती है | 🙂

Tasveer


Nazaara Aisa ho ki

Tassavur aa jaye

Tasveer aisi ho ki

Shayari ban jaaye

Purani Tasveerein


Waqt nikaal kar

jab waqt k panno ka palta toh

kuch haseen se pal the
jo doston k sath bitaaye the

Kuch bicchre purane yaar the
kuch khatti meethi baaten thi

Hothon pe muskaan thi

par aankhon me nami thi ,…:) 😦 ;(


नादान से इस दिल कि दास्तान कुछ ऐसी है
बातों को छुपने कि जाने आदत ये कैसी है |

ना कुछ बताता है,
ना छुपा कुछ पाता है,
बेचारे इस दिल कि बात-
कभी आँखे बयान कर देती है
तो कभी कलम कुछ लिख देती है |

———–


JO hum na keh sake
Aankhon ne keh diya

JO aankhen b na keh saki
use kalam me likh diya..

 

(English Version)

What I couldn’t say
My Eyes Expressed

What Eyes couldn’t say
My pen expressed!!!

 

Jiyo Nidar


Hum toh akele andheron me jeete hai
Har par tufaano mein chalte hai

Darte toh wo hai jo,
Bheed me rahte hai
Aur din k ujaale me bhi
Hawa k jhokon se ghabra jaate hai

Post Navigation

%d bloggers like this: