Dumb-Heart's Voice

kuch Baaten jo Dil me ankahi reh gyi

Archive for the category “Life”

काश ! थोड़ा और वक़्त होता


काश थोड़ा और वक़्त होता तेरे पास !

बातें तो दूर की बात है ,

अभी तो जी भर के देखा भी नही |

 

साँसों को रोक रखा था मैंने,

कहीं वो लम्हा उड़ा ना ले जाए!

चंद लम्हों मे लोग ज़िंदगी जी लेते हैं,

मैंने तो अभी साँस ली भी नहीं|

 

तेरी नज़र के उठने का इंतेज़ार करता रहा,

कहीं मेरी पलकें ना थक जायें,

लोग तो आँखों मे डूब जाते हैं,

मैंने तो निगाहें मिलाई भी नहीं |

 

हाथों से आँचल छूटने का इंतेज़ार करता रहा,

काश हवा उड़ा के मेरी ओर ले आए,

लोग तो हाथ थाम कर ज़िंदगी जी लेते हैं,

मैंने तो तेरा दुपट्टा तक छुआ नहीं |

 

काश थोड़ा और वक़्त होता तेरे पास !

जाते हुए पलट कर तो देखा होता

मैं खड़ा था वहीं, कहीं गया नही ||

 

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मुझे गुड़िया बिहनी है


|

credit: Atanu pal

credit: Atanu pal

बाबुल मैं बेटी हूँ तुम्हारी
कोई बेज़ान गुड़िया तो नही
तुमने मुझे दुल्हन बना दिया
अब तक तो मैंने अपनी गुड़िया बियाही नही||

मुझे बोझ समझकर मुझपर बोझ डाल दिया
अब तक तो मैं चलना सीखी भी नही||
मैं तो खुशियाँ लेकर आई थी
तुमने मुझे ही रोता विदा कर दिया||

कम से कम बचपन तो जी लेने दो
अभी दादी नानी की कहानी सुननी है
मेरे भी तो कुछ सपने है
मुझे अपनी गुड़िया बिहनी है||

माँ तुम ही कुछ समझा दो
कुछ आप बीती ही याद कर लो|
तुम भी तो मेरे जैसी थी ,
क्या बचपन खोकर तुम खुश थी||

मैं तुम्हारा ही अंश हूँ
देखो मेरी आँखों में
जिनमें सिर्फ़ पानी है
अभी मत ब्याहो मुझे-
अपनी गुड़िया बिहनी है||

khoobsurat Udaasi


ये उदासी भी खूबसूरत है
ज़िंदगी को सोचने का मौका देती है ||
उदासी तो उमंग जागती है
खुशी का एहसास दिलाती है||
 
 
जो अगर अंधेरा देखा ही ना हो
तो सुबह का क्या मज़ा?
जो काँटों पर चले ही ना हो
तो मखमल की नर्मी का क्या मज़ा?
 
 
जो दिल टूटा ना हो कभी
तो चाहत के एहसास का क्या पता?
जो सपने टूटे ना हो कभी
तो पाने की ज़िद्द मे क्या नशा?
 
 
उदासी  खूबसूरत है
इसका आलिंगन करके तो देखो
उदासी को पहचानने के बारे में सोचो
इससे तो खुशी भी जलती है, तभी तो
दूर भगाकर खुद पास आ जाती है| 😉
ये उदासी तो खूबसूरत है
खुशी का एहसास दिलाती है||

Boondon se bhar le daaman


XYZ

credits: artist@tumbhi.com

नदियाँ सूख गयी हैं
धरती पर आने लगी है दरारें
ममता के दूध के सहारे
बचपन कब तक ज़िंदगी गुज़रे!

ना कहीं छावों है
बस धूप मे सुलगते पावं है|
माँ की आँचल भी सूख गयी है
ये देखकर भी मेघ क्यू इतना निर्दयी है? 😦 😥

……..

पर आज लगता है  😀
लाचारी की चीख ने इंद्र की आँखें खोली है
आज तो बस सबको बूँदों से खेलनी होली है|

नदियाँ फिर से बह जाएँगी
दरारों से अंकुर फुट कर निकलेंगे
आँचल की ठंडक लौट कर आएगी
आज सारी बूँदों को दामन मे अपने  समेट लेंगे!

Insaniyat ki zubani


Chalte chalte achanak
jab ruk kar dekha
aas paas koi na tha
bas mai akeli khadi thi

mai aagey nikal aayi
ya log aagey badh gaye
ya ho sakta hai shayad
maine hi galat mod le liya

Mai toh wahi hu
badal hi nahi paayi
pata nhi kaise logon ne
itni jaldi khudko badal liya

Mere dost “khudgarzi” ne kaha
tere hi kaaran tu akeli hai
jo tu bhalai sikhaane nikal padi hai
dekh mere paas logon ka mela hai.

Door se “budhapa” aata dikhai diya
“usey ab jaakar meri yaad aayi”?
Mujhe gale lagane nhi aaya tha
usey to meri madad ki jarurat thi.

or bhi “gareeb” aur “laachar” aate dikhai diye
unhe bhi madad ki hi jarurat thi.
Par maine bhi kehkar inkaar kar diya,
kyu-
tumne mujhe rah dikhai thi ky
jab maine awaaz lagai thi!

nhiiii..
Mai bhi khudgarzi k paas ja rhi hu 😦
nhi Mai kyu khudko badal rahi hu!!
ab mujhe bhi apni taakat dikhani hai
wapas wahi bheed jutani hai ||

For Zindagi


एक उलझी सी पहेली है
ये ज़िंदगी है, जो साथ मेरे चली है|
गम हो या खुशी, फिर भी ये रही है,
धूप और छाओं की ये सहेली है|

बेइंतेहा नफरत भी इसी से हुई है,
बस फिर भी, ये ज़िंदगी ही तो अपनी है !
ऐसी अपनी सहेली से प्यार क्यूँ ना करूँ,
थोड़ी मस्ती और खुशी, इसकी भी तो बनती है | 🙂

Vasudhaiva Kutumbakam


The world as one family

The world as one family

 

 

 

 

 

Kyu duniya ko sarhadon me baant diya?

sabne apna alag dharm bana Liya!!

Kyu kisi ko hindu

kisiko Isaai or Muslim bta diya

kyu na sabko bas Insaan rhne diya??

 

Sabki dharti ek h

Sar ki Chhatri ek h

Suraj or chaand ek h

Swashon ki  hawa ek  h

 

Fir kyu-??

 

Mandir masjid bhinn h

Kyu gurudwara or girijaghar h?

Kyu nhi sabke liye ek hi dwaar h?

Kyu ye bhed bhao h!!

Ek ko pyaar toh

dusre ko dete ghao h!!

 

“Udaarachritaam” ka bhaav kahan gya

“Kyu manushya laghuchetasam” ho gya

Vasudhev Kutumbakam kahan kho gya.

 

Kyu dharm k naam pe ladna galat h

Kyu bhasha k naam pe vibhajan galat h ??

jab Desh k naam pe ladna bhakti h!!

Kya desh k liye dusron ka maarna

“ayam nijah paro veti” nhi h ?!!!

 

ye Vasudhaiva Kutumbakam aakhir kahan kho gya

Kyu na sabko bas insaan rhne diya!!!!

😦

 

PS: I understand this concept as a whole may not be easy to practice, but there can be an effort to see each other as humans rather than seeing as-

Rich poor, Christian/hindu/muslim/sikh/ , Indian/American/Australian/African, etc., and fighting with each other based on such stupid notion.

माँ – तुम सदा मुसकुराना !!!


माँ तुम रोती हो
मुझे अच्छा नही लगता
तेरे आंसुओं को देख
मै भी रो पड़ता हूँ

माँ तू दुखी होती है
मुझे अच्छा नही लगता
तेरी उदासी को देख
मेरा भी दिल दुखता है

image

रोता हुआ तो म आया था
तूने ही तो चुप कराया
मुझे मुस्कुरा कर देखा
ओर सीने से लगाया

तूने तो बस प्यार दिया
तूने ही तो हसना सिखाया
काबी ज़ोर से डांट दिया
फिर तूने तो प्यार भी किया

माँ तू हँसती हुई अच्छी लगती है 😀 🙂
तुझे देख कर मै भी हँसता हूँ
तेरी मुस्कान को देख
मैं भी खुश हो जाता हूँ

मैं रोऊँ तो तुम मत रोना
मेरे पास आना पर उदास न होना
सर पर हाथ फेरना और
मुझे चूम कर बस हँस देना

मैं तुमसे नाराज़ हो जाऊँ
तब भी तुम नाराज़ ना होना
मुझे डांटना मारना
और गले से लगा लेना

जहां भी मैं जाऊँ
तुम मेरे साथ ही रहना
तुम मेरे साथ होती हो माँ
तो मै सबसे लड़ लेता हूँ
क्यूकी मुझे पता है
तू मेरी माँ है मै तेरा बेटा हूँ

मै अच्छा बुरा जैसा भी हूँ
तुम तो बस मुझे अपना लाल मानती हो
मैं सबसे बेहतर हूँ
ये तुम ही तो एहसास दिलाती हो

इसीलिए तो माँ-
तुम पास होती हो तो
सब अच्छा -अच्छा सा लगता है
ओर तुम रोती हो तो
मै भी रो पड़ता हूँ 😥

LOVE U MAA

मुक्ति- छुटकारा !!! ????


मुझे ज़िन्दगी से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर मौत को सामने देख कर डर लगता है

मुझे अन्धकार से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर सूरज निकले तो छाँव ढूंढता है

 

मुझे गरीबी से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर अमीर होकर भी खुदको गरीब समझता है

 

मुझे दुखों से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर हर सुख भी उसे कुछ कम सा लगता है

 

मुझे नफरत से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर हर रोज़ किसी का दिल दुखाने से नही डरता है

 

देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर अपना काम बनाने को कोई भी राह चुन लेता है

 

मुझे कर्जों से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर अपनी मांगों को कुछ कम कर नही सकता है

 

मुझे ज़िन्दगी से मुक्त कर दो ये इंसान कहता है

पर मौत को सामने देख कर डर लगता है

 

Read more…

Peeli Dhoop :)


Courtsey: Sourabh Singh

Gamo K badaal Chhant rhe h..
Peeli Dhoop fael rhi h,
Jago Sapno se, 
hakiqat ki subah aa rhi h


Qaid kr lo is lo is pal ko,
Zindagi me pyara mod aa rha h ..


Warna ujaalo me itna kho jaoge
Andhakar shayad yaad b na aynge
Par is pal ki khusi ko yaad krna
Khusi k mayne samjh jaoge..

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